हेलो फ्रेंड्स,
दोस्तों आप सभी जानते है कि हमारी धरती गोल यानी एक सॉलिड फेयर है । ये एक सिम्पल सा फेक्ट है जिसे हम इन्सान हजारों सालों से जानते है ।
सन् 1957 में सोवियत यूनियन द्वारा स्पेस में भेजे गये मानव इतिहास के पहले ह्यूमेन सेटेलाईट स्पकनेट वन के साथ साइंटिस्ट -फ़ेक्टली ये साबित भी हो गया । पर हमारे दुनिया में एक समूह ऐसा भी है, जो यह मानता है कि धरती गोल नहीं बल्कि चपटी है । फ्लैट अर्थ के लोग दुनिया भर में मौजूद है , क्योंकि फ्लैट अर्थ की थियरी पे विश्वास करते है । अपनी बातों को साबित करने के लिए ये लोग कई तरह के दर्प भी देते है । ओर उनका मानना है की दुनिया भर की एजेंसी ओर विज्ञानों के द्वारा लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है । ओर फ्लैट अर्थ थियरी विज्ञानों के साइंटिफिक गुलेशन ओर अभी तक हमारे स्पेस मिशनों द्वारा एकत्र किए गए दाता ओर पिक्चर से मेल नहीं खाता है । पर ये फ्लैट अर्थ की थियरी क्या है ॽ ओर क्या फ्लैट अर्थ होना संभव भी है या नहीं ॽ ओर क्या होता अगर हमारी धरती फ्लैट होती , क्या तब भी उस पर जीवन मौजूद होता ॽ ओर हम इन्सानों का अस्तित्व होता ॽ ये सब जानेंगे हम आज इस पोस्ट में ।
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| What would have happened if our earth was flat, |
दोस्तों फ्लैट अर्थ सोसाइटी दुनिया भर में मौजूद एक ऐसा समूह है , जिसमें ऐसे लोग मौजूद हैं जिनका मानना है की हमारी धरती गोल ना होकर चपटी यानी फ्लैट है । उनके पास इस फ्लैट अर्थ थियरी को साबित करने के लिए कई तरह के तर्क मौजूद है । जिसमे जाना-पहचाना तर्क ये है , की जब हम हमारी धरती पर चलते हैं तो हमें ये गोल आकार के बदले चपटी लगती है । ओर उनका मानना है की दुनिया भर की स्पेस एजेंसी ओर साइंटिस्ट एक साजिश के चलते आम लोगों से छुपा रहे हैं । पर क्या इतने विशाल स्पेस बॉडी का फ्लैट होना संभव है ॽ ग्रॅविटी के चलते किसी भी अवजेक्ट मे मौजूद ऐडम हमेशा एक कोमन सेन्ट्रल ओफ ग्रॅविटी योर मूव करने की कोशिश करते हैं । उसी तरह स्पेस में मौजूद हर स्पेस बॉडी में चारों ओर से ग्रॅवेटेशनल फोर्स लगता है । जिसका आखरी रिजल्ट हमेशा ही एक स्क्वेयर होता है । ओर इसी वजह से हमारे ब्रह्मान में मौजूद हर स्पेस बॉडी चाहे वो प्लानेट्स हो या विशाल तारे हमेशा स्क्वेयर सीप में होते है । किसी भी स्पेस बॉडी को स्क्वेयर की जगह फ्लैट सीप में बदलने के लिए हमें उसे बेहद ही तेज गति स्पिन करना होगा ताकि उसकी ग्रॅविटी शिफ्ट हो । पर इसकी वजह से
किसी प्लानेट्स जितने विशाल स्पेस बॉडी कई भागों में टूट सकती है । साथ ही वैज्ञानिकों के मैथेमैटिकल केलकुलेटर के अनुसार फ्लैट बॉडी स्पेस में कभीभी स्टेबल नहीं रह सकती । किसी भी फ्लैट स्पेस बॉडी को ग्रॅविटी धीरे धीरे स्क्वेयर सीप में बदल ही देती है । अगर हमें बीना घुमायें ही फ्लैट अर्थ चाहिए तो हमें कोई चमत्कार या किसी विशाल गेलेक्टिक प्रेस की जरुरत होगी । क्योंकि धरती को दबाकर चपटा कर सके । ओर इसके बावजूद भी स्पेस में फ्लैट अर्थ ज्यादा समय तक स्टेबल नहीं रह पाऐगा । कूच घटों के दौरान ही ग्रॅविटी के चलते हुवे अवजेक्ट फिरसे स्क्वेयर मे बदल जाएगा । या सीधी भाषा में कहाँ जाए तो ग्रॅविटी के कारण स्पेस में स्टेबल डिस्क सेप अर्थ का बन पाना लगभग नामुमकिन है । ओर अगर स्पेस बॉडी को स्टेबल ओर फ्लैट रखना है, तो हमें उसे सारी ग्रॅविटी को खत्म करना होगा । हमे हमारी धरती को फ्लैट करने के लिए उस तकनीकी मदद से उसकी सारी ग्रॅविटी को खत्म करदे तो हमारी धरती पूरी तरह से बदल जाएगी । सबसे पहले हमारी धरती का ऐट मोस्ट फियर गायब हो जाएगा , क्योंकि ग्रॅविटी के कारण ही हमारी प्लानेट का ऐट मोस्ट फियर इससे जुड़ा हुआ है । जैसे ही हमारे पृथ्वी की ग्रॅविटी खत्म होगी , इसका ऐट मोस्ट फियर स्पेस में उड़ जाएगा । साथ ही एक प्राकृतिक उपग्रह मून भी हमें छोड़कर चला जाएगा । मून धरती के ग्रॅवेटेशनल फोर्स की वजह से इसका चक्कर लगाता है । ओर जैसे ही हमारे धरती का ग्रॅवेटेशनल फोर्स खत्म हो जाएगा, चांद के चले जाने बाद रात में हमारा आसमान पहले के तुलना में ज्यादा अंधेरा नजर आएगा । ओर साथ ही महासागरो में आनेवाली हाय ओर लो टाइस भी गायब हो जाऐगे । क्योंकि मुख्य रूप से मून के ग्रॅवेटेशनल फोर्स की वजह से आते हैं । साथ ही ग्रॅविटी हमारे धरती की लेयर स्ट्रक्चरल के लिए भी जिम्मेदार है । अगर ग्रॅविटी नहीं होगी तो हमारी धरती का सरफेक्ट लियट नहीं रहेगा । इसका सबसे पहला इफेक्ट्स हमारी धरती के मैगनेटिक फिल्ड पड़ेगा । हमारे धरती का मैगनेटिक फील्डर लिक्विड आउटर की वजह है । एक बार जैसे ही धरती का मैगनेटिक फील्ड खत्म होगा, वैसे ही हमारे धरती पर जीवन भी खत्म हो जाएगा । पृथ्वी का मैगनेटिक फील्ड सूरज ओर दूसरे तारों से आनेवाली खतरनाक रेडिएशन ओर रेप्रैक्टिकल को धरती पर आने से रोकता है । ओर मैगनेटिक फील्ड को खत्म होने के बाद ये हमारी धरती पर सीधा हमला बोलेंगे । जिसकी वजह से यहाँ पर जीवन खत्म हो जाएगा । यानी हम सिम्पल केलकुलेशन भी करे तो हम ये पता लगा सकते है कि हमारी पृथ्वी फ्लैट नहीं बल्कि स्क्वेयर है । ओर हमारी पृथ्वी या किसी भी स्पेस बॉडी का फ्लैट सीप होना नामुमकिन है । ओर इसके बावजूद भी फ्लैट अर्थ सोसाइटी से जूड़े हुवे लोग हमारी पृथ्वी को फ्लैट होने के बारे में लोग कई अलग-अलग बातें करते हैं । जिन पर विश्वास कर पाना मुश्किल है ।
ऐसे में इस बारे में आपका क्या सोचना है नीचे कमेंट करके जरुर बताइये ।
आज के पोस्ट में बस इतना ही ,,,,,
🙏🙏 Thank You 🙏🙏


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